रोजगार गारंटी को लेकर कोई जिक्र नहीं, किसानों की मजबूती का दावा, लेकिन खाद-बीज के दामों पर कोई बात नहीं


 




लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को अब तक सबसे बड़ा बजट पेश किया। हमेशा की तरह इस बार भी रेवड़ियां तो खूब बांटी गईं, लेकिन मूलभूत चीजों को नजरंदाज कर दिया गया। युवाओं को बेरोजगारी भत्ते की बात तो है लेकिन बजट में उनके रोजगार का कोई जिक्र नहीं किया गया है। किसानों की मजबूती की बात की गई लेकिन प्रदेश में बढ़ते खाद-बीज के दामों को लेकर बजट में जिक्र नहीं। दैनिक भास्कर ने इस पूरे बजट को लेकर अलग-अलग एक्सपर्ट से बात की। इनमें से किसी ने बजट पर सवाल उठाए तो किसी ने बजट को यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट बताया।


यूपी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ का बजट पेश किया था। इसमें 10 हजार 967 करोड़ की नई योजनाएं शामिल हैं। बजट में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाया गया है।


किसानों का प्रदेश है उप्र, खाद बीज महंगे हो रहे हैं


वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी का कहना है कि यूपी सरकार का अब तक का ये सबसे बड़ा बजट जरूर है लेकिन बजट में कृषि, कुटीर उद्योगों और युवाओं के रोजगार को लेकर कोई बात नहीं है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश किसानों का प्रदेश है लेकिन यहां खाद बीज मंहगे हो रहे हैं। ऐसे में किसने कैसे मजबूत हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश कपड़ा उद्योग के मामले में आज हमसे आगे है जबकि हम खादीधारी होते हुए भी बहुत पीछे हैं। बजट में इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। 


अर्थशास्त्री डॉ भारती पांडेय ने बताया कि, 2020-21 का बजट जो पेश किया गया है उसमें महिलाओं युवाओं, किसानों पर विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय पुष्टाहार योजना के लिए भी प्रावधान किया गया है। लोगों को घर उपलब्ध हो सके इसलिए पीएम आवास के लिए 6 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया गया। सबसे मुख्य बात बजट में युवाओं का भी ध्यान रखा गया। युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए युवा हब प्लेसमेंट के लिए प्रत्येक जिले के लिए 50 करोड़ रुपए मतलब कुल 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।


उन्होंने कहा कि यह बजट यूपी को पिछड़ेपन से आगे की तरफ ले जाएगा, विकास के रास्ते पर हम कह सकते हैं कि ठोस धरातल यूपी को प्रदान करने का काम इस बजट ने किया है, दूसरी जो महत्वपूर्ण बात बजट में है, केंद्र सरकार की तर्ज पर यूपी में भी राज्यनीति आयोग का गठन का प्रावधान बजट में किया है।


यूपी की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी


अर्थव्यवस्था मामले के वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कालहंस का मानना है कि यूपी का पेश किया गया चौथे बजट में अवस्थापना क्षेत्र को खासी धनराशि दी गई है जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मेट्रो परियोजनाओं, गंगा एक्सप्रेस वे, जेवर और अयोध्या एयरपोर्ट के लिए भारी भरकम आवंटन है। युवा हब का सही संचालन नए उद्यम की स्थापना में मददगार होगा। 


कलहंस का कहना हैं इस बजट में किसानों के लिए और खासकर छोटे व मझोले किसानों को बजट से निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण छोटे व मझोले उद्योगों के लिए कोई नया ऐलान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्व के मोर्चे पर यूपी सरकार को परेशानी हो सकती है। क्योंकि जीएसटी की वसूली में पिछले लक्ष्य को ही नहीं पा सकी है और न ही स्टांप एवं पंजीयन शुल्क में ही। उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट भी एक बड़ी समस्या है। समय पर न मिलना और निर्धारित से कम मिलना एक बड़ी समस्या है। 


वरिष्ठ अर्थशास्त्री प्रोफेसर एपी तिवारी का कहना है कि यूपी सरकार के इस चौथे बजट में इस बात की कोशिश की गई सूबे के सभी वर्गों और क्षेत्रों का संतुलित विकास हो। बजट संतुलित रखने की कोशिश भी गई राजकोषीय घाटा 2.97 प्रतिशत पर लक्षित किया गया राजस्व बचत का उपयोग पूंजी खाते पर विकासगामी के लिए किया जा रहा हैं। एक ओर जहां युवाओं को जोर दिया गया युवाओं को स्वरोजगार करके उनको समर्थ वाला विकास करने की हैं। जिला युवा हब सेंटर बनाने का लक्ष्य है। इससे वह स्वालम्बी बनेंगे। इस बजट में ऐसा लगता है ये बहुत आगे तक ले जाने को योजना है।



Popular posts
चिन्मयानंद को डिस्चार्ज अर्जी दाखिल करने के लिए 15 दिन की मोहलत; छात्रा के खिलाफ एनबीडब्ल्यू
श्रीराम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए जमीन अधिग्रहण पर 200 आपत्तियां, किसानों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया
अपाचे जैसे 500 लड़ाकू हेलिकॉप्टर बनाने की योजना पर काम कर रहा एचएएल, 2023 तक प्रोटोटाइप तैयार करेगा
<no title>श्रीराम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा कल लखनऊ पहुंचेंगे; मॉडल, शिलान्यास की तारीख और डिजाइन पर मंथन होगा