लखनऊ. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में लॉ छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह बुधवार को लखनऊ स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल करने के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी। विशेष जज पवन कुमार ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली है। अब सुनवाई चार माच्र को होगी। वहीं, कोर्ट ने रंगदारी व जानमाल की धमकी के मामले में छात्रा के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने को कहा है।
छात्रा की गैर हाजिरी पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान इस मामले के अन्य अभियुक्त कोर्ट में उपस्थित हुए। लेकिन छात्रा नहीं थी। इस पर कोर्ट ने कहा- छात्रा को छोड़कर सभी अभियुक्तों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। लेकिन छात्रा न तो खुद मौजूद हुई, न ही वकील के जरिए उसने पेशी दी। छात्रा की गैरहाजिरी के चलते आरोप तय करने की कार्यवाही नहीं हो सकी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों के शीघ्र निस्तारण का आदेश दे रखा है। इस मामले की भी अगली सुनवाई चार मार्च को होगी।
हाईकोर्ट ने कहा था- दोनों ने अपनी सीमाएं लांघी
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले को शाहजहांपुर से लखनऊ स्थानांतरित किया गया है। बीते चार फरवरी को चिन्मयानंद को हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। यह भी कहा था कि, चिन्मयानंद व छात्रा, दोनों ने अपनी सीमाएं लांघी है। ऐसे में निर्णय करना मुश्किल है कि, किसने किसका इस्तेमाल किया। कोर्ट ने कहा- दोनों ने ही एक-दूसरे का इस्तेमाल किया।
24 अगस्त को सामने था वीडियो, उसके बाद दर्ज हुआ था केस
शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण और कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा लापता हो गई थी। बाद में पुलिस ने राजस्थान से उसे बरामद किया था। इस मामले में 25 अगस्त को पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था। वहीं, चिन्मयानंद के वकील की तरफ से छात्रा व उसके दोस्तों पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।